3 कारण क्यों पंजाब किंग्स जीत सकती है राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबला

PBKS vs RR

इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीज का चौथा मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला ज्यादा दिलचस्प इसलिए है क्योंकि दोनों टीम की कमान युवा खिलाड़ी के हाथ में है। पंजाब किंग्स की कप्तानी के एल राहुल करेंगे तो वहीं, युवा संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स की जिम्मेदारी दी गई है। 

एक तरफ आईपीएल की एक बार की ट्रॉफी विजेता राजस्थान रॉयल्स की पूरी कोशिश रहेगी की इस सीजन के अपने पहले मुकाबले में जीत के साथ आगाज करे, तो दूसरी तरफ नए नाम और लोगो के साथ पंजाब किंग्स को एक नए बदलाव की आशा होगी। पंजाब किंग्स ने पूरी तरह से एक नई टीम तैयार की है जिसमें जे रिचर्डसन, रिले मेरेडिथ और शाहरुख खान  जैसे कई नए नाम शामिल है।

इस खबर में हम आपको 3 कारण बताएंगे कि क्यों पंजाब किंग्स के राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इस मुकाबले में जीतने की संभावना ज्यादा है। 

1) पंजाब का धमाकेदार टॉप ऑर्डर

लोकेश राहुल, मयंक अग्रवाल, क्रिस गेल और निकोलस पूरन पंजाब किंग्स के चार बड़े नाम और टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज हैं। न केवल उनका टॉप ऑर्डर एक मजबूत दीवार की तरह है, बल्कि बीच में, युवा शाहरुख खान को  एक विस्फोटक फीनिशर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्होंने प्री-सीजन में अभ्यास मैचों में अपने प्रदर्शन से सबको खूब प्रभावित किया था, जबकि मंदीप सिंह और दीपक हुड्डा ने भी कई मौकों पर अर्धशतक जमाया था। पंजाब जब चाहे और जैसे चाहे, जिस तरह से चाहे अपनी बैटिंग लाइन को बदल या एडजस्ट कर सकता है।

2) राजस्थान रॉयल्स में जोफ्रा आर्चर की अनुपस्थिति 

इस साल के शुरुआत में उंगली की चोट और हाल के पैच में परेशान कोहनी की समस्या के कारण, जोफ्रा आर्चर आईपीएल का पहला हाफ मिस करेंगे। वह राजस्थान रॉयल्स के एकमात्र विकेट लेने वाले और सबसे भरोसेमंद गेंदबाज हैं। अन्य पेसर या स्पिनर में से कोई भी टीम को नियमित सफलता प्रदान करने में सक्षम नहीं हुआ है, जबकि डेथ की बॉलिंग भी इसके अलावा एक गंभीर मुद्दा था। आर्चर, जिन्होंने आईपीएल 2020 में एमवीपी पुरस्कार जीता है, उनमें निचले क्रम में बल्लेबाजी करने की क्षमता है और उनकी शानदार गेंदबाजी उन्हें राजस्थान का अभिन्न अंग बनाता है।

3) राजस्थान रॉयल्स की अनिश्चित बल्लेबाजी

जब राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी और गेंदबाजी लाइन अप की बात आती है तो उनके पास बहुत सारे विकल्प हैं लेकिन एकमात्र समस्या यह है कि कोई भी खिलाड़ी गेम चेंजर या भरोसेमंद नहीं है। पिछले साल बेन स्टोक्स थे जिन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर राजस्थान रॉयल्स  के लिए एक सलामी बल्लेबाज के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में अपनी योग्यता को अच्छी तरह साबित किया और टीम के लिए ओपनिंग की। उस समय संजू सैमसन और जोस बटलर के स्थान भी निर्धारित नहीं किए गए थे, जबकि राजस्थान रॉयल्स  टीम के ऑलराउंडरों मध्य क्रम में कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।

Comments

0